ई स्पोर्ट्सयोजनामनोरंजनबिजनेस

Sakat Chauth 2026: चंद्रोदय समय, शुभ मुहूर्त और गणेश जी की आरती, जानिए व्रत का पूरा महत्व

On: January 6, 2026 1:47 PM
Follow Us:
Sakat Chauth

माघ महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला Sakat Chauth Vrat हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इसे Sankashti Chaturthi, Til Chauth और Maghi Chaturthi के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश, सकट माता और चंद्र देव की पूजा का विधान है। मान्यता है कि यह व्रत संतान की लंबी उम्र, परिवार की सुख-शांति और विघ्नों के नाश के लिए किया जाता है।

Sakat Chauth का धार्मिक महत्व

Sakat Chauth
Sakat Chauth

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने भगवान गणेश के लिए यह व्रत किया था। कहा जाता है कि जो माताएं विधि-विधान से Sakat Chauth का व्रत करती हैं, उनके बच्चों पर आने वाले कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस व्रत में चंद्र दर्शन अनिवार्य माना गया है। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोला जाता है।

Sakat Chauth 2026 तिथि और चंद्रोदय समय

चतुर्थी तिथि सुबह से अगले दिन सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार Sakat Chauth व्रत आज ही रखा जाएगा।
आज चंद्रोदय रात 8:54 बजे होगा। इसी समय चंद्र देव को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण किया जाएगा।

Sakat Chauth 2026 के शुभ योग

इस बार Sakat Chauth कई शुभ योगों में पड़ रही है, जिससे पूजा का फल और अधिक बढ़ जाता है।

  • Sarvartha Siddhi Yoga: सुबह 07:15 बजे से 12:17 बजे तक

  • Preeti Yoga: सुबह से रात 08:21 बजे तक

  • Ayushman Yoga: रात 08:21 बजे से आगे

  • Ashlesha Nakshatra: 12:17 बजे तक, उसके बाद Magha Nakshatra

Sakat Chauth Puja Muhurat

  • Abhijit Muhurat: दोपहर 12:06 बजे से 12:48 बजे तक

  • Sarvartha Siddhi Yoga: सुबह 07:15 बजे से 12:17 बजे तक

  • Pradosh Kaal: शाम 04:09 बजे से 06:39 बजे तक

इन समयों में भगवान गणेश की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है।

Sakat Chauth पूजा विधि

सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। घर में साफ स्थान पर चौकी लगाकर भगवान गणेश, सकट माता और चंद्र देव की पूजा करें। तिल, गुड़, फूल और मोदक अर्पित करें। शाम को चंद्र उदय होने पर जल, दूध और अक्षत से चंद्र देव को अर्घ्य दें। इसके बाद व्रत खोलें।

गणेश जी की आरती

Sakat Chauth
Sakat Chauth

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी

पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा
लड्डुअन का भोग लगे, संत करें सेवा

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा

Sakat Chauth न सिर्फ एक व्रत है, बल्कि मां के प्रेम, श्रद्धा और संतान की रक्षा का प्रतीक भी है। सही विधि, शुभ मुहूर्त और सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Disclaimer: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग आधारित जानकारियों पर आधारित है। तिथि, मुहूर्त और योग स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान से परामर्श अवश्य करें।

Also Read

Simple Tulsi Puja: व्यस्त लाइफस्टाइल में तुलसी माता की पूजा का आसान तरीका

Aaj Ka Love Rashifal: 2026 का पहला दिन इन 4 राशियों के लिए रोमांटिक, 5 राशिवालों को मिल सकता है नया प्यार

Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का भविष्यफल और दिन का संकेत

Anuj Prajapati

मैं A1 News24 डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का संस्थापक हूँ। A1 News24 पर हम आपको खेल, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, योजनाएँ, एंटरटेनमेंट और अन्य ट्रेंडिंग खबरों की सबसे ताज़ा जानकारी प्रदान करते हैं। मैंने A1 News24 को भरोसेमंद समाचार स्रोत और जानकारी का मंच बनाने के लिए तैयार किया है, ताकि विभिन्न दर्शक हमेशा सटीक और अपडेटेड जानकारी पा सकें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now