कमोडिटी बाजार में शुक्रवार को ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला। MCX Gold और MCX Silver दोनों ने अपने-अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर छू लिए। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने कीमती धातुओं की कीमतों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
MCX पर Gold ने बनाया नया रिकॉर्ड

शुक्रवार, 26 दिसंबर को Multi Commodity Exchange पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना ₹1,188 यानी 0.86% की तेजी के साथ ₹1,39,285 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं अप्रैल एक्सपायरी वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट में भी ज़बरदस्त खरीदारी देखने को मिली और यह ₹1,366 या 0.97% उछलकर ₹1,42,836 प्रति 10 ग्राम के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। बाजार जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में सोना एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरा है।
चांदी ने भी छुआ लाइफटाइम हाई
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। MCX पर मार्च डिलीवरी वाली चांदी ₹8,951 यानी करीब 4% चढ़कर ₹2,32,741 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं मई एक्सपायरी वाली चांदी ₹9,105 या 4% की छलांग लगाकर ₹2,36,757 प्रति किलो तक पहुंच गई। खास बात यह रही कि चांदी ने लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में नया लाइफटाइम हाई बनाया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की चमक
घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में तेज़ी देखने को मिली। COMEX पर जनवरी डिलीवरी वाला सोना $4,542.9 प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वहीं जनवरी डिलीवरी वाली चांदी $74.82 प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई, जबकि फरवरी डिलीवरी वाली चांदी ने पहली बार $75 प्रति औंस का आंकड़ा पार किया।
Gold कीमतों में उछाल की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं:
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव
अमेरिका और नाइजीरिया के रिश्तों में आई तल्खी
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की बढ़ती मांग
इन सभी फैक्टर्स ने निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर आकर्षित किया है।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति का असर
निवेशक अब यह मानकर चल रहे हैं कि Federal Reserve 2026 में दो बार 0.25% की ब्याज दर कटौती कर सकता है। महंगाई में नरमी और श्रम बाजार में ठंडक के संकेत मिलने के बाद बाजारों में यह उम्मीद और मजबूत हुई है, भले ही फेड अधिकारियों के बीच आगे की नीति को लेकर मतभेद बने हुए हों।
2025 में अब तक का प्रदर्शन
अगर पूरे साल की बात करें तो 2025 में चांदी अब तक 150% से ज्यादा चढ़ चुकी है, जबकि सोने में 70% से अधिक की तेजी देखी गई है। यह दोनों धातुओं का 1979 के बाद का सबसे बड़ा सालाना उछाल माना जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह रिकॉर्ड

Gold मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। सोना और चांदी एक बार फिर “सेफ हेवन” के रूप में उभरकर सामने आए हैं। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि रिकॉर्ड स्तरों पर निवेश करते समय सतर्कता जरूरी है।
MCX Gold और Silver का रिकॉर्ड हाई यह साफ दिखाता है कि वैश्विक तनाव, कमजोर डॉलर और ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कीमती धातुओं को लगातार मजबूती दे रही हैं। आने वाले समय में भी सोना और चांदी निवेशकों के रडार पर बने रह सकते हैं, लेकिन बाजार की चाल पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई कीमतें और बाजार से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित हैं। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। कमोडिटी बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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