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Green Energy India: अवादा GRIDCO–IIT भुवनेश्वर की साझेदारी से ग्रीन हाइड्रोजन में नई क्रांति

On: December 11, 2025 9:41 AM
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Green Energy India

Green Energy India: आज भारत की ग्रीन एनर्जी यात्रा में एक ऐसा बड़ा कदम उठाया गया है, जो आने वाले समय में देश की ऊर्जा रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है। ओडिशा में एक आधुनिक शोध केंद्र बनने जा रहा है, जो ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस पहल में उद्योग, सरकार और शिक्षा जगत का मजबूत सहयोग शामिल है यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

ग्रीन हाइड्रोजन के लिए बनेगा अत्याधुनिक Centre of Excellence

Green Energy India अवादा ग्रुप, GRIDCO और IIT भुवनेश्वर ने एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के अनुसार ओडिशा में Green Hydrogen Centre of Excellence स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र ऊर्जा भंडारण, हाइड्रोजन तकनीक और भविष्य की मोबिलिटी समाधानों पर गहन शोध करेगा।

Green Energy Indiaइस CoE की खास बात यह है कि यहां तकनीक की आर्थिक व्यवहार्यता पर भी अध्ययन होगा, ताकि यह समझा जा सके कि भारत कैसे कम लागत में ग्रीन हाइड्रोजन को अपनाकर इसे बड़े स्तर पर लागू कर सकता है। यह केंद्र छात्रों और वैज्ञानिकों के लिए विशाल सीखने का अवसर भी प्रदान करेगा।

Green Energy India अवादा ग्रुप का हाई-टेक एक्सटेंशन सेंटर

अवादा ग्रुप अपनी ओडिशा यूनिट में इस CoE का एक विशेष एक्सटेंशन सेंटर स्थापित करेगा। यहां उन्नत उपकरण और विशेषज्ञ शोधकर्ता मौजूद होंगे, जो उद्योगों में ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक लागू करने के व्यावहारिक तरीकों पर काम करेंगे। इससे भारत का नवीकरणीय ऊर्जा ढांचा और सुदृढ़ होगा।

प्रशासन, उद्योग और शिक्षा जगत का मजबूत सहयोग

Green Energy India इस प्रोजेक्ट में GRIDCO की भूमिका बेहद अहम है। यह संस्थान केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर प्रोजेक्ट के फंड और कार्यान्वयन पर काम करेगा। IIT भुवनेश्वर इस प्रोजेक्ट को शैक्षणिक और तकनीकी आधार प्रदान करेगा रिसर्च लैब, भूमि और विशेषज्ञ टीम के साथ। ओडिशा सरकार के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करेंगे, जिससे प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ता रहे।

भारत की क्लीन एनर्जी यात्रा को मिलेगी नई गति

अवादा ग्रुप के चेयरमैन ने इसे भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा का ऐतिहासिक क्षण बताया है। उनके अनुसार ग्रीन हाइड्रोजन आने वाले समय में भारत के नेट-ज़ीरो लक्ष्य का सबसे बड़ा स्तंभ बनने वाला है। यह CoE भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता और ग्रीन फ्यूल नवाचार में अहम भूमिका निभाएगा।

यह प्रोजेक्ट किन क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ देगा

  • ऊर्जा भंडारण तकनीक

  • औद्योगिक हाइड्रोजन उपयोग

  • ग्रीन मोबिलिटी (EV + Hydrogen Vehicles)

  • रिसर्च और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट

  • युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास

  • ओडिशा में ग्रीन टेक्नोलॉजी हब का निर्माण

ये सभी क्षेत्र आने वाले वर्षों में भारत के ग्रीन एनर्जी सेक्टर को नई दिशा देंगे।

ओडिशा बनेगा ग्रीन टेक इनोवेशन का नया केंद्र

Green Energy IndiaCoE के शुरू होते ही ओडिशा नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से उभरता केंद्र बन सकता है। Green Energy India यहां शोध, नवाचार और उद्योगों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था और युवाओं की प्रोफेशनल ग्रोथ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

Disclaimer: यह लेख सार्वजनिक जानकारी और उपलब्ध आधिकारिक घोषणाओं पर आधारित है। प्रोजेक्ट से जुड़ी वास्तविक प्रगति समय और संस्थागत निर्णयों के अनुसार बदल सकती है। किसी भी आधिकारिक संदर्भ के लिए प्रकाशित अद्यतनों की पुष्टि अवश्य करें।

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Anuj Prajapati

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