ई स्पोर्ट्सयोजनामनोरंजनबिजनेस

AGR Relief: Vodafone Idea के बाद Airtel और Tata ने भी मांगी राहत, ₹67,000 करोड़ दांव पर

On: January 16, 2026 9:36 PM
Follow Us:
AGR Relief

Vodafone Idea को AGR बकाया भुगतान में 10 साल की राहत मिलने के बाद अब टेलीकॉम सेक्टर में नई बहस शुरू हो गई है। देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Bharti Airtel और Tata Group की दो कंपनियां Tata Teleservices (TTSL) और Tata Teleservices Maharashtra (TTML) भी सरकार से AGR relief की मांग कर रही हैं।

कंपनियों का कहना है कि अगर एक ऑपरेटर को विशेष राहत दी जाती है, तो बाकी खिलाड़ियों के साथ भी समान व्यवहार होना चाहिए। वरना इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा का संतुलन बिगड़ सकता है।

Vodafone Idea को मिली 10 साल की राहत से क्यों उठा विवाद

AGR Relief
AGR Relief

टेलीकॉम डिपार्टमेंट ने Vodafone Idea को उसके AGR बकाया चुकाने के लिए अतिरिक्त 10 साल का समय दिया है। कंपनी पर करीब ₹87,695 करोड़ का AGR बकाया है, जिसकी पेमेंट को अब 2035 तक के लिए टाल दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे Vodafone Idea को आर्थिक रूप से संभलने का मौका मिलेगा और टेलीकॉम सेक्टर में एक और बड़ा खिलाड़ी बना रहेगा। लेकिन इसी फैसले के बाद बाकी टेलीकॉम कंपनियों ने भी सरकार से समान राहत की मांग तेज कर दी है।

Airtel और Tata कंपनियों पर कितना AGR बकाया है

Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, Bharti Airtel और Tata Group की कंपनियों पर भी हजारों करोड़ रुपये का AGR बकाया है। उम्मीद थी कि ये कंपनियां मार्च से अपने AGR भुगतान की प्रक्रिया शुरू करेंगी, लेकिन Vodafone Idea को राहत मिलने के बाद अब ये कंपनियां भी सरकार से बातचीत की तैयारी कर रही हैं।

AGR देनदारी का पूरा हिसाब

कंपनीअनुमानित AGR बकाया
Bharti Airtel₹48,103 करोड़
Tata Teleservices (TTSL) + TTML₹19,259 करोड़
Vodafone Idea₹87,695 करोड़

(नोट: आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं और समय के साथ बदल सकते हैं।)

सरकार ने पहले भी दी थी AGR पेमेंट में राहत

सितंबर 2021 में सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को AGR भुगतान पर चार साल की मोहलत दी थी, जो FY26 तक लागू रही। इस दौरान कंपनियों को तत्काल भुगतान नहीं करना था, लेकिन ब्याज जुड़ता रहा। इसका मकसद कंपनियों को आर्थिक रूप से उबरने का मौका देना था।

अब यह राहत अवधि खत्म होने वाली है। ऐसे समय में Vodafone Idea को अतिरिक्त 10 साल की राहत मिलने से बाकी कंपनियों को लग रहा है कि उनके साथ असमान व्यवहार हो रहा है।

Airtel और Tata कंपनियों का तर्क क्या है

टेलीकॉम ऑपरेटर्स का कहना है कि अगर केवल एक कंपनी को विशेष राहत दी जाती है, तो इससे बाजार में असंतुलन पैदा होगा। इससे दूसरी कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा और कॉम्पिटिशन प्रभावित हो सकता है।

इंडस्ट्री अधिकारियों के अनुसार, Airtel और Tata Group सरकार से बातचीत के रास्ते तलाश रहे हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।

टेलीकॉम सेक्टर पर क्या पड़ सकता है असर

AGR Relief
AGR Relief

अगर सरकार बाकी कंपनियों को भी AGR में राहत देती है, तो इससे पूरे टेलीकॉम सेक्टर को स्थिरता मिल सकती है। वहीं अगर राहत सिर्फ Vodafone Idea तक सीमित रहती है, तो यह मामला कानूनी और नीतिगत विवाद का रूप ले सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब निवेशकों, इंडस्ट्री और सरकार तीनों की नजरें टिकी हुई हैं।

Vodafone Idea को AGR राहत मिलने के बाद अब Airtel और Tata कंपनियों की मांग ने टेलीकॉम सेक्टर में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले हफ्तों में सरकार का रुख तय करेगा कि भारत का टेलीकॉम बाजार समान अवसरों के सिद्धांत पर आगे बढ़ेगा या इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई तेज होगी।

Disclaimer: यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक जानकारियों पर आधारित है। AGR बकाया राशि, नीतिगत फैसले और सरकारी रुख समय के साथ बदल सकते हैं। किसी भी निवेश या व्यावसायिक निर्णय से पहले आधिकारिक घोषणाओं और विश्वसनीय स्रोतों की पुष्टि अवश्य करें।

Also Read

Gold Price Today: सोने की कीमतों में तेज उछाल, 24 कैरेट गोल्ड ₹14,415 प्रति ग्राम पर पहुंचा

Light Weight Gold Necklace Set 10 Grams: सिर्फ 1 तोला में बनवाएं सोने का सबसे स्टाइलिश और रॉयल हार

Gold Price Today: डॉलर मजबूत होते ही फिसला सोना, US jobs data और Iran बयान का असर

Anuj Prajapati

मैं A1 News24 डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म का संस्थापक हूँ। A1 News24 पर हम आपको खेल, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी, योजनाएँ, एंटरटेनमेंट और अन्य ट्रेंडिंग खबरों की सबसे ताज़ा जानकारी प्रदान करते हैं। मैंने A1 News24 को भरोसेमंद समाचार स्रोत और जानकारी का मंच बनाने के लिए तैयार किया है, ताकि विभिन्न दर्शक हमेशा सटीक और अपडेटेड जानकारी पा सकें।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now